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थायराइड के मरीज कैसे चेक करें अपनी टेसà¥â€à¤Ÿ रिपोरà¥à¤Ÿ, जानें कà¥â€à¤¯à¤¾ होता है T1, T2, T3, T4 और TSH का मतलब
अगर आप थायरॉइड के मरीज हैं, तो थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के तकनीकी नामों जैसे T1, T2, T3, T4 और TSH से परीचित तो होंगे। लेकिन आपके लिठइतना ही काफी नहीं है, बलà¥à¤•ि ये कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं, इसकी जानकारी होना à¤à¥€ जरूरी है।
थायरॉइड à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जो दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में बहà¥à¤¤ लोगों को होती है। आज 10 में से 4 लोग इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हैं। थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बॉडी के मेटाबॉलिजà¥à¤® को रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करते हैं। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जहां आप जो खाना खाते हैं, वह ऊरà¥à¤œà¤¾ में बदल जाता है और इसी ऊरà¥à¤œà¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पूरे सिसà¥à¤Ÿà¤® को काम करने के लिठकिया जाता है।कहने को तो यह बीमारी बहà¥à¤¤ आम है, बावजूद इसके लोग थायरॉइड के बारे में नहीं जानते। इनमें वो लोग à¤à¥€ हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खà¥à¤¦ ये बीमारी है। इनमें से à¤à¤• हैं इसके मेडिकल टरà¥à¤®à¥à¤¸ । अगर आप थायरॉइड से पीड़ित हैं और जब थायरॉइड के लिठखà¥à¤¦ का टेसà¥à¤Ÿ कराते हैं, तो रिपोरà¥à¤Ÿ में T1, T2, T3, T4 TSH जैसे टरà¥à¤®à¥à¤¸ लिखे होते हैं। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप इनके बारे में जानते हैं । शायद नहीं। अगर आप खà¥à¤¦ à¤à¤• थायरॉइड रोगी हैं, तो रिपोरà¥à¤Ÿ में दिठगठइन टरà¥à¤®à¥à¤¸ के बारे में जरूर पता होना चाहिà¤à¥¤ बता दें कि ये सà¤à¥€ थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ के तकनीकी नाम हैं ।
​कà¥à¤¯à¤¾ होता है थायरॉइड
थायरॉइड à¤à¤• à¤à¤‚डोकà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड है, जो गरà¥à¤¦à¤¨ के अंदर और कोलरबोन के ठीक ऊपर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होती है। यह तितली के आकार की à¤à¤• गà¥à¤°à¤‚थि है, जो आपके शरीर की अनà¥à¤¯ गà¥à¤°à¤‚थियों की तरह ही काम करने में मदद करती है। थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाती है। अगर गà¥à¤°à¤‚थि ठीक से काम न करे, तो यह शरीर में कई समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकती है। आमतौर पर थायरॉइड दो पà¥à¤°à¤®à¥à¤– हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पैदा करती है टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤†à¤¯à¥‹à¤¡à¥€à¤¨à¤¥à¤¾à¤¯à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ यानी T3 और थायरॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ यानी T4 ।
यदि आपका शरीर बहà¥à¤¤ अधिक थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाता है, तो यह हायपरथायरॉइडिजà¥à¤® नामक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का संकेत है और अगर आपका शरीर बहà¥à¤¤ कम थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाता है, तो इसे हाइपोथायरायडिजà¥à¤® कहा जाता है। दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चिकितà¥à¤¸à¤¾ की जरूरत होती है। देखा जाà¤, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ लेवल के बारे में जानने के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग टेसà¥à¤Ÿ जैसे T4 और TSH करवाने का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं।
​थायरॉइड में कà¥à¤¯à¤¾ है T0, T1, T2, T3, T4 और TSH
थायराइड की रिपोरà¥à¤Ÿ में लिखे जाने वाले टरà¥à¤®à¥à¤¸ जैसे T0, T1, T2, T3, T4 और TSH कà¥à¤¯à¤¾ हैं, आप शायद नहीं जानते होंगे। दरअसल, ये थायरॉइड के लेवल के लिठकिठजाने वाले टेसà¥à¤Ÿ होते हैं। इससे ये पता चलता है कि आपकी थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि कितने अचà¥à¤›à¥‡ से काम कर रही है।
​T0, T1, T2 -
ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥€à¤•रà¥à¤¸à¤°à¥à¤¸ और थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उपोतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ हैं। ये थायरॉइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिसेपà¥à¤Ÿà¤° पर काम नहीं करते और पूरी तरह से निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ रहते हैं।
T3 टेसà¥à¤Ÿ-
T3 टेसà¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆà¤†à¤¯à¥‹à¤¡à¥‹à¤¥à¤¾à¤¯à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤¨ लेवल की जांच करता है। यह टेसà¥à¤Ÿ आमतौर पर तब कराने के लिठकहा जाता है जब T4 और TSH के बाद हाइपोथायरायडिजà¥à¤® की आंशका हो। अगर आपमें ओवरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ थायरॉइड गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड के लकà¥à¤·à¤£ दिख रहे हैं, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° T3 टेसà¥à¤Ÿ करवाने के लिठकह सकते हैं। । T3 की नॉरà¥à¤®à¤² रेंज 100-200 ng/dL होती है। अगर रेंज इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाà¤, तो यह गà¥à¤°à¥‡à¤µà¥à¤¸ नामक बीमारी का संकेत देता है। यह हाइपोथायरायडिजà¥à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¤• ऑटो इमà¥à¤¯à¥‚न विकार है।
​T4-
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में थायरॉइड T3 और T4 हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ सही मातà¥à¤°à¤¾ में बनाता है। अगर जरा à¤à¥€ गड़बड़ी हो जाà¤, तो ये घट बढ़ सकते हैं। शरीर में इन दो लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है टीà¤à¤¸à¤à¤š हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥¤ जिसे थायराइड सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कहते हैं। आमतौर पर T4 और TSH को साथ में कराने की सलाह दी जाती है। T4 टेसà¥à¤Ÿ को थायरॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ कहते हैं। T4 का हाई लेवल ओवरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ थायरॉइड गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड की ओर इशारा करता है। इसके सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में चिंता, वजन घटना, कंपकंपी और दसà¥à¤¤ शामिल हैं।
​TSH टेसà¥à¤Ÿ -
जबकि TSH टेसà¥à¤Ÿ आपके बà¥à¤²à¤¡ में थायराइड सà¥à¤Ÿà¤¿à¤®à¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को मापते हैं। इसमें पता लगाया जाता है कि थायरॉइड गà¥à¤°à¤‚थि ठीक से काम कर रही है या नहीं। ये अंडरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ या ओवरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ तो नहीं है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये दोनों ही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खतरनाक होती हैं। इसका नॉरà¥à¤®à¤² टेसà¥à¤Ÿ रेंज 0.4 -4.0 mIU/L के बीच होती है। यदि आपका TSH का सà¥à¤¤à¤° 2.0 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, तो अंडरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ थायरॉइड यानी हाइपोथायरॉडिजà¥à¤® बढ़ने का खतरा है। इसमें आपको वजन बढ़ने , थकान , अवसाद और नाखूनों के टूटने जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का सामना करना पड़ सकता है। जबकि TSH का कम सà¥à¤¤à¤° ओवरà¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ थायरॉइड की निशानी है। इसका मतलब ये है कि शरीर में आयोडीन का सà¥à¤¤à¤° बहà¥à¤¤ बढ़ गया है।
कम काम करने वाली थायरॉइड गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड में नवजात शिशà¥à¤“ं में T4और TSH दोनों ही टेसà¥à¤Ÿ नियमित रूप से किठजाते हैं। यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ छोड़ दिया जाà¤, तो यह डेवलपमेंट डिसेबिलिटी का खतरा बढ़ा सकता है।
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